Bihar TRE-4 के तहत प्रस्तावित 27 हज़ार शिक्षकों की भर्ती की परीक्षा, जो दिसंबर में आयोजित होनी थी, अब तय समय पर होना मुश्किल है।इस देरी का सबसे बड़ा कारण यह है कि बिहार के 31 जिलों ने अभी तक अपनी रिक्तियों की सूची भेजी ही नहीं है।शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों को निर्देश दिया था कि वे अपनी डिस्ट्रिक्ट-वाइज वैकेंसी लिस्ट उपलब्ध कराएं ताकि भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।लेकिन अब तक केवल कुछ ही जिलों ने पूरी और सही जानकारी भेजी है। अधिकांश जिलों ने या तो अधूरी जानकारी दी है या फिर बिल्कुल भी वैकेंसी डेटा नहीं भेजा है।जब तक सभी जिलों से सटीक वैकेंसी डेटा प्राप्त नहीं होगा, तब तक परीक्षा की तारीख, नोटिफिकेशन और आगे की प्रक्रियाएँ शुरू नहीं की जा सकतीं।इसी वजह से दिसंबर में परीक्षा आयोजित होना अब संभव नहीं दिख रहा है।

Bihar TRE Vacancy Overview
| Category | Details |
|---|---|
| Exam Conducting Authority | Bihar Public Service Commission (BPSC) |
| Post Name | PRT, TGT, PGT |
| Total Vacancies | 27,910 |
| Mode of Application | Online |
| Registration Dates | December 2025 |
| Educational Qualification | 12th / Graduation / Post-Graduation |
| Age Limit | Minimum: 18–21 Years Maximum: 37 Years |
| Selection Process | Written Exam and Document Verification |
| Mode of Exam | Offline |
| Job Location | Bihar |
| Official Website | Click Here |
Why TRE-4 Will Not Be Conducted in December?
टीआरई-4 की परीक्षा दिसंबर में आयोजित न होने का मुख्य कारण यह है कि कई जिलों ने विषयों के अनुसार सही Vacancy डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। कुछ जिलों में भाषा विषयों की वास्तविक रिक्तियां अधिक थीं, लेकिन उन्होंने कम संख्या में सीटें रिपोर्ट कीं। वहीं, कई जिलों ने विज्ञान और गणित की Vacancies अभी तक अपडेट नहीं की हैं। शिक्षा विभाग को प्रत्येक विषय की सही और पूर्ण जानकारी चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक रूप से आगे बढ़ सके। इसी उद्देश्य से जिलों को नए Reservation Roster के आधार पर सीटों की पुनर्वितरण प्रक्रिया पूरी कर के अपडेटेड Vacancy डेटा भेजने के लिए कहा गया है। चूंकि नया Roster लागू किया जा रहा है, इसलिए जिलों को अपनी पूरी वैकेंसी लिस्ट फिर से तैयार करनी पड़ रही है, जिससे देरी काफी बढ़ गई है।इस बार शिक्षा विभाग ने जिलों को Backlog Seats की जानकारी भी अनिवार्य रूप से भेजने का निर्देश दिया है। Backlog Seats वे सीटें होती हैं जो पिछली भर्तियों में नहीं भरी जा सकी थीं। नए नियमों के अनुसार पहले इन Backlog Seats को भरा जाएगा और उसके बाद नई Vacancies जोड़ी जाएंगी। इसके लिए जिलों को Category-Wise और Subject-Wise दोनों प्रकार का डेटा अपडेट करना है। लेकिन कई जिलों ने यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की है, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया अधर में अटक गई है। विभाग ने सभी जिलों को डेटा भेजने के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का समय भी दिया है, फिर भी अभी 31 जिलों का डेटा Missing है।जब तक यह डेटा नहीं मिलता, तब तक TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। जिलों को Block-Wise Vacancies भी भेजनी हैं, लेकिन कई ब्लॉक्स ने अपनी स्कूल-स्तरीय Vacancies अपडेट नहीं की थीं, जिसके कारण District-Level की Vacancy सूची भी गलत साबित हुई। वहीं, कुछ शिक्षकों की Retirement जानकारी देर से अपडेट होने की वजह से सीटों की गणना में भ्रम पैदा हुआ। अब विभाग ने जिलों को पूरे जिले में वास्तविक रिक्तियों की संख्या दोबारा गिनने का निर्देश दिया है। स्वाभाविक रूप से यह प्रक्रिया समय लेगी, लेकिन इसके बिना भर्ती आगे नहीं बढ़ सकती। इसी कारण परीक्षा की तारीख आगे बढ़ेगी।
इसके अलावा यह भी बताया गया है कि TRE-4 के तहत लगभग 27,000 शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित है, जिसमें Primary और Upper Primary दोनों स्तरों की पोस्ट शामिल हैं। लेकिन सही Total Vacancy Count तभी तय हो पाएगा जब सभी जिलों से अपडेटेड डेटा मिल जाएगा। अभी भी 31 जिलों का डेटा अधूरा है, इसलिए कुल रिक्तियों की अंतिम संख्या निर्धारित नहीं हो पा रही है। यही कारण है कि Notification जारी करने और परीक्षा की तारीख घोषित करने में लगातार देरी हो रही है।नई भर्ती प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार नया Reservation Standard/Roster लागू किया जा रहा है। इसमें SC, ST, OBC, EWS और General Category के लिए नई प्रतिशत व्यवस्था लागू होगी। चूंकि यह नया Roster पिछली भर्ती में लागू Roster से अलग है, इसलिए जिलों को अपनी पुरानी Vacancy लिस्ट को बदलकर नई Updated List तैयार करनी पड़ रही है। यह प्रक्रिया समय लेने वाली है, और इसी देरी का असर पूरे TRE-4 भर्ती कार्यक्रम पर पड़ा है।
Domicile Rule to Be Implemented for the First Time in TRE-4
टीआरई-4 में इस बार पहली बार Domicile Rule लागू किया जा रहा है, जो भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस नए नियम के तहत कुल रिक्तियों में से 85% सीटें बिहार के स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होंगी, जबकि केवल 15% सीटें अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए खुली रहेंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय उम्मीदवारों को अधिक अवसर प्रदान करना और स्थानीय भाषा तथा शिक्षा प्रणाली को समझने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता देना है। इसके अलावा, ऐसे 15 ज़िलों में जहाँ पिछड़े वर्गों की संख्या अधिक है, वहाँ स्थानीय उम्मीदवारों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
Domicile Rule लागू होने के कारण जिलों को अपनी Vacancies को नए ढंग से Re-Categorize करना पड़ रहा है।उदाहरण के लिए—यदि किसी जिले में पहले 100 रिक्तियां थीं, तो अब उन्हें स्पष्ट करना होगा कि उनमें से 85 सीटें बिहार Domicile के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेंगी और 15 सीटें अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध होंगी। इसके साथ-साथ SC, ST, OBC, EWS और General Category के अनुसार आरक्षण का वितरण भी करना होगा। यह पूरी Calculation District-level अधिकारियों के लिए काफी समय लेने वाला कार्य साबित हो रहा है।स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जब तक सभी जिलों से Complete और Correct Vacancy Data प्राप्त नहीं होता, तब तक शिक्षा विभाग TRE-4 भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता। Notification भी तभी जारी होगा जब सभी जिलों की Vacancies को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।परीक्षा Notification के बाद ही आयोजित की जा सकती है, इसलिए दिसंबर में TRE-4 परीक्षा होना अब संभव नहीं है। अभ्यर्थियों को कुछ और समय प्रतीक्षा करनी पड़ेगी क्योंकि Vacancy डेटा के बिना Admit Card, Centre Allotment और अन्य प्रक्रियाएँ शुरू नहीं हो सकतीं।
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Frequently Asked Questions
What did the government decide?
The government has introduced a domicile-based policy for teacher recruitment starting from TRE-4. Only residents of Bihar will be given priority in appointments to government school teacher posts.
Which recruitment phases does this apply to?
The rule applies from TRE-4 (2025) onwards, and will also apply in TRE-5 (2026).
What does “domicile of Bihar” mean in this context?
To qualify under domicile preference, candidates must be residents of Bihar. Additionally, for some categories, eligibility may also require that matriculation (10th) and intermediate (12th) examinations were completed from Bihar.
Does the domicile rule apply even to reserved posts (e.g. women’s quota)?
Yes — under the new policy, even the 35% quota reserved for women will apply only to women who are permanent residents of Bihar.
How many posts are effectively reserved for Bihar residents?
According to the cabinet-approved rules, about 85% of teacher posts are now reserved for permanent residents of Bihar.
Conclusion
Implementation of the new domicile rule in Bihar’s TRE-4 marks a significant shift in the state’s teacher recruitment policy. By prioritizing permanent residents of Bihar and reserving the majority of teaching posts for them, the government aims to expand employment opportunities for local youth and strengthen regional representation in the education sector. While the policy limits the share of positions available to candidates from outside Bihar, it maintains some openness through a smaller unreserved category. As TRE-4 and future recruitment cycles unfold, this rule is likely to shape the state’s educational workforce, influence competition patterns, and redefine eligibility expectations for teaching aspirants across India.