Bihar to Hire 10,479 Assistant Professors, Boost College Expansion

Bihar to Hire 10,479 Assistant Professors, Boost College Expansion

बिहार सरकार राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत कर रही है। इसके तहत कुल 10,479 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी। यह भर्ती सिर्फ लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन प्रखंडों तक उच्च शिक्षा की पहुँच बढ़ाने का प्रयास भी है, जहाँ अब तक एक भी डिग्री कॉलेज उपलब्ध नहीं था।

इस भर्ती अभियान का सबसे अहम पहलू वे 211 नए डिग्री कॉलेज हैं, जिन्हें उन प्रखंडों में स्थापित किया जा रहा है जहाँ अब तक कोई कॉलेज नहीं था। इन संस्थानों के लिए 6,479 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि करीब 4,000 पद पुराने विश्वविद्यालयों में पहले से रिक्त हैं। वित्त विभाग इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। यह पहल न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि छात्रों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा हासिल करने का बेहतर मौका भी देगी

Bihar’s Big Push: New Rules and Transparent Selection Process

इस बार बिहार सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल शैक्षणिक रिकॉर्ड के आधार पर नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि अभ्यर्थियों की वास्तविक क्षमता को परखने के लिए राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा (State Level Eligibility Test) आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) की तर्ज पर होगी और इसके आयोजन की जिम्मेदारी बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) को दी जा सकती है।

भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नया मूल्यांकन पैटर्न तैयार किया गया है:लिखित परीक्षा: 160 अंक (मेरिट का मुख्य आधार)साक्षात्कार (Interview): 40 अंकसाक्षात्कार के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया जाएगा, जिसमें विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर शामिल होंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सिफारिश और पक्षपात को खत्म कर योग्य उम्मीदवारों को अवसर देना है।लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की अनुशंसा आयोग द्वारा सरकार को भेजी जाएगी, जिसके बाद बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से अंतिम नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Recruitment for Non-Academic and Support Positions

श्रेणीपद / पोस्टअनुमानित रिक्तियाँमुख्य जिम्मेदारियाँ
प्रशासनिक नेतृत्वप्रिंसिपल211कॉलेज का समग्र प्रबंधन और शैक्षणिक नेतृत्व
शैक्षणिक स्टाफअसिस्टेंट प्रोफेसरलगभग 6,330*विज्ञान, कला और वाणिज्य के 15 विषयों में शिक्षण
शैक्षणिक स्टाफवोकेशनल टीचर्स(संख्या लंबित)व्यावसायिक/कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की शिक्षा
गैर-शैक्षणिक स्टाफक्लर्क2,518 का हिस्साकार्यालय कार्य, दस्तावेज़ और रिकॉर्ड प्रबंधन
गैर-शैक्षणिक स्टाफलैब असिस्टेंट2,518 का हिस्साप्रयोगशालाओं का संचालन और प्रयोगों में सहयोग
गैर-शैक्षणिक स्टाफकंप्यूटर ऑपरेटर2,518 का हिस्साडेटा प्रबंधन, ऑनलाइन पोर्टल और आईटी कार्य
सहायक स्टाफचतुर्थ श्रेणी कर्मचारी2,518 का हिस्सारखरखाव और दैनिक संचालन से जुड़े कार्य

Eligibility Criteria and Important Terms

पैरामीटरविवरण
न्यूनतम आयु23 वर्ष
अधिकतम आयु45 वर्ष (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट)
सामान्य वर्ग के लिए उत्तीर्ण अंकलिखित परीक्षा में 50%
आरक्षित वर्ग के लिए उत्तीर्ण अंक45% (5% की छूट)

30 अप्रैल 2026 को राजभवन में कुलाधिपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी रिक्तियों को जल्द भरने के सख्त निर्देश दिए गए। इससे स्पष्ट है कि बिहार सरकार राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठा रही है।यह पहल न केवल वर्तमान स्नातकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर शैक्षणिक ढांचा तैयार करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी।

Frequently Asked Questions

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती कितने पदों पर होगी?

बिहार में कुल 10,479 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी, जिसमें नए और पुराने दोनों पद शामिल हैं।

क्या यह भर्ती केवल पुराने रिक्त पदों के लिए है?

नहीं, यह भर्ती केवल पुराने पदों को भरने के लिए नहीं है, बल्कि नए डिग्री कॉलेजों में भी नियुक्तियाँ की जाएंगी।

कितने नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं?

राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, खासकर उन प्रखंडों में जहाँ पहले कोई कॉलेज नहीं था।

चयन प्रक्रिया में क्या बदलाव किए गए हैं?

अब केवल शैक्षणिक रिकॉर्ड के आधार पर चयन नहीं होगा। एक राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद इंटरव्यू होगा।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू का वेटेज कितना होगा?

लिखित परीक्षा 160 अंकों की होगी और इंटरव्यू 40 अंकों का होगा।

Conclusion

बिहार सरकार द्वारा 10,479 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती का निर्णय राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है। इस पहल से न केवल कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी को पूरा किया जा सकेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। इसके साथ ही नए कॉलेजों के विस्तार को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह कदम बिहार को शैक्षणिक रूप से अधिक सशक्त और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा सकता है।

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