Current Affairs Today (01 September 2026)
- भारत में मुर्दाघर और पोस्टमार्टम से जुड़ी अवसंरचना के लिए राष्ट्रीय न्यूनतम मानकों को किस संस्था ने अंतिम रूप दिया है?उत्तर: राष्ट्रीय नैदानिक प्रतिष्ठान परिषद
- भारत किस लड़ाकू विमान कार्यक्रम में ‘डायलॉग पार्टनर’ के रूप में शामिल हुआ है?उत्तर: ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP)
- नागेश सिंह को किस देश में भारत के अगले उच्चायुक्त के रूप में समवर्ती रूप से मान्यता दी गई है?उत्तर: नाउरू
- ‘महिला विश्वविद्यालय’ स्थापित करने की घोषणा किस राज्य सरकार ने की है?उत्तर: बिहार सरकार
- सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर बिहार और झारखंड के बीच हुए समझौते के तहत बिहार को कितना पानी आवंटित किया गया है?उत्तर: 5.75 MAF
- ICC ने 2027 की पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का अधिकार किस देश से वापस लिया है?उत्तर: श्रीलंका
- तुआंकू मुहरिज़ ट्रॉफी 2026 का पुरुष एकल खिताब किस खिलाड़ी ने जीता?उत्तर: अभय सिंह
- पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब लगातार दूसरी बार किस देश ने अपने नाम किया?उत्तर: जर्मनी
- इंडिया जूनियर इंटरनेशनल ग्रां प्री 2026 में अंडर-19 महिला एकल का खिताब किसने जीता?उत्तर: ईशिता नेगी
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किस देश का सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दर्जाली दोस्तलिक’ प्रदान किया गया?उत्तर: उज़्बेकिस्तान
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भारत में मुर्दाघर और पोस्टमार्टम अवसंरचना के लिए राष्ट्रीय न्यूनतम मानक
भारत ने मुर्दाघर (Mortuary) और पोस्टमार्टम अवसंरचना (Post-Mortem Infrastructure) के लिए पहली बार राष्ट्रीय न्यूनतम मानक (National Minimum Standards) पेश किए हैं। इन मानकों को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (Directorate General of Health Services–DGHS) के तहत राष्ट्रीय नैदानिक प्रतिष्ठान परिषद (National Council for Clinical Establishments) द्वारा अंतिम रूप दिया गया है। इन मानकों का मुख्य उद्देश्य देशभर में मुर्दाघर और पोस्टमार्टम सेवाओं के लिए एक समान व्यवस्था विकसित करना है। इसके माध्यम से राज्यों में अलग-अलग तरीके से लागू होने वाली खंडित व्यवस्था (Fragmented System) को समाप्त कर एक समान राष्ट्रीय मानक स्थापित करने पर जोर दिया गया है।
भारत ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम में ‘डायलॉग पार्टनर’ के रूप में शामिल
भारत यूके (UK), जापान (Japan) और इटली (Italy) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम (Sixth-Generation Fighter Jet Programme) में ‘डायलॉग पार्टनर (Dialogue Partner)’ के रूप में शामिल हुआ है। इस कार्यक्रम को ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (Global Combat Air Programme–GCAP) के नाम से जाना जाता है, जबकि इसके तहत विकसित किए जा रहे लड़ाकू विमान को आमतौर पर ‘टेम्पेस्ट (Tempest)’ कहा जाता है। GCAP का विकास यूके, जापान और इटली की संयुक्त भागीदारी से किया जा रहा है। कार्यक्रम को पूर्ण पैमाने के डिजाइन चरण (Full-Scale Design Phase) में आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में 6.1 अरब डॉलर की फंडिंग प्राप्त हुई है। इस लड़ाकू विमान को लगभग 2034 तक सेवा में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
नागेश सिंह को नाउरू में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया
नागेश सिंह को नाउरू गणराज्य (Republic of Nauru) में भारत के अगले उच्चायुक्त (High Commissioner) के रूप में समवर्ती रूप से मान्यता दी गई है। नागेश सिंह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया (Australia) में भारत के उच्चायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। नाउरू के लिए उनकी नियुक्ति के बाद वह ऑस्ट्रेलिया में अपनी जिम्मेदारियों के साथ नाउरू में भारत का प्रतिनिधित्व भी करेंगे। यह नियुक्ति भारत और प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच राजनयिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बिहार सरकार ने ‘महिला विश्वविद्यालय’ स्थापित करने की घोषणा की
बिहार सरकार ने राज्य में ‘महिला विश्वविद्यालय (Mahila Vishwavidyalaya)’ स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय पूरी तरह महिलाओं के लिए समर्पित होगा। इसमें कुलपति (Vice-Chancellor), प्रोफेसर (Professors), प्रशासनिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी (Administrative and Non-Teaching Staff) तथा विद्यार्थी केवल महिलाएं होंगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देना और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराना है।
सोन नदी जल बंटवारे के समझौते में बिहार को 5.75 MAF पानी
बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी (Sone River) के जल बंटवारे (Water Sharing) को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। यह समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में किया गया। अंतिम समझौते के तहत बिहार को 5.75 मिलियन एकड़-फीट (Million Acre-Feet–MAF), जबकि झारखंड को 2.0 MAF पानी आवंटित किया गया है। दोनों राज्यों का कुल हिस्सा 7.75 MAF निर्धारित किया गया है, जो मूल रूप से 1973 के बाणसागर समझौते (Bansagar Agreement) के तहत अविभाजित बिहार को आवंटित हिस्से के बराबर है। वर्ष 1973 में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अविभाजित बिहार के बीच सोन नदी के जल बंटवारे तथा मध्य प्रदेश में बाणसागर बांध (Bansagar Dam) के निर्माण की लागत को लेकर समझौता हुआ था।
ICC ने 2027 महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी श्रीलंका से वापस ली
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (International Cricket Council–ICC) ने 2027 की पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी (Inaugural Women’s Champions Trophy 2027) की मेजबानी का अधिकार श्रीलंका से वापस ले लिया है। यह निर्णय श्रीलंका क्रिकेट (Sri Lanka Cricket–SLC) के प्रशासन में कथित सरकारी हस्तक्षेप के चलते लिया गया। श्रीलंकाई सरकार ने क्रिकेट बोर्ड के संचालन के लिए एक अनिर्वाचित परिवर्तन समिति (Unelected Transformation Committee) का गठन किया था। ICC ने इसे क्रिकेट बोर्ड के प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप के रूप में देखा। इसके बाद श्रीलंका से टूर्नामेंट की मेजबानी वापस लेने का निर्णय लिया गया। महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 का आयोजन फरवरी 2027 में होना प्रस्तावित था और यह इस प्रतियोगिता का पहला संस्करण होता। इसमें कुल छह टीमों के भाग लेने की योजना थी, जिसमें मेजबान श्रीलंका भी शामिल था।
अभय सिंह ने तुआंकू मुहरिज़ ट्रॉफी 2026 का पुरुष एकल खिताब जीता
भारत के शीर्ष वरीयता प्राप्त स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह ने मलेशिया के सेरेम्बन (Seremban, Malaysia) में आयोजित तुआंकू मुहरिज़ ट्रॉफी 2026 (Tuanku Muhriz Trophy 2026) का पुरुष एकल खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में अभय सिंह ने हांगकांग के हेनरी लिउंग (Henry Leung) को 3–2 से हराकर ट्रॉफी जीती। इस जीत के साथ उन्होंने अपना 13वां प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन (Professional Squash Association–PSA) टूर खिताब हासिल किया। यह उनका तुआंकू मुहरिज़ ट्रॉफी का तीसरा खिताब है। इससे पहले वह 2022 और 2024 में भी यह प्रतियोगिता जीत चुके हैं। अभय सिंह विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर हैं और उन्हें भारत का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला पुरुष स्क्वैश खिलाड़ी माना जाता है।
तमिलनाडु के तूतीकोरिन में 1,600 मेगावाट का सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र
तमिलनाडु में 1,600 मेगावाट (MW) क्षमता का नया सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र (Supercritical Thermal Power Station) स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तूतीकोरिन में इस परियोजना की घोषणा की है। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल (Public-Private Partnership Model–PPP) के तहत लगभग ₹20,800 करोड़ की लागत से स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही राज्य के विद्युत विभाग का व्यापक पुनर्गठन करने की भी योजना है। तमिलनाडु ट्रांसमिशन इम्प्रूवमेंट योजना (Tamil Nadu Transmission Improvement Scheme) के तहत इसके लिए ₹33,066 करोड़ आवंटित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत 196 नए सब-स्टेशन (Sub-Stations) स्थापित किए जाएंगे और लगभग 15,000 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनों का निर्माण या विस्तार किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की पहली ओजोन आधारित पेयजल उपचार परियोजना
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र में राज्य की पहली ओजोन आधारित पेयजल उपचार परियोजना (Ozone-Based Drinking Water Treatment Project) स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना पर लगभग ₹46 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसमें ओजोन गैस (Ozone Gas) का उपयोग पानी को कीटाणुरहित करने, हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने और पेयजल की गुणवत्ता तथा स्वाद को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, पशुओं के बेहतर उपचार और देखभाल की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड्डल थोर में एक नए पशु चिकित्सालय (Veterinary Hospital) की स्थापना भी की जाएगी। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश में आधुनिक जल उपचार व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।