Bihar Public Service Commission (BPSC) नए साल में राज्य के शिक्षा क्षेत्र को बड़ा तोहफ़ा देने जा रही है। इस वर्ष राज्य में 30,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, प्राइवेट स्कूलों में Right to Education (RTE) नीति को पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि गरीब और वंचित बच्चों का नामांकन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित हो सके। शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती के लिए नया अभियान शुरू किया है और राज्य के उन सभी जिलों में जहाँ शिक्षकों की कमी है, वहाँ भर्ती प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। Bihar में लगभग 30,000 सामान्य शिक्षक और 5,500 विशेष शिक्षक (दिव्यांग बच्चों के लिए) Teacher Recruitment Exam (TRE-4) के माध्यम से नियुक्त किए जाएंगे। वर्तमान में राज्य के 31 जिलों में शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इन जिलों में अब तक करीब 26,000 शिक्षक कार्यरत हैं। सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिल सके और स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता लगातार बढ़ती रहे।
TRE-4 Exam Details
| Particulars | Details |
|---|---|
| Exam Name | Teacher Recruitment Exam (TRE-4) |
| Total Vacancies | 30,000+ |
| Special Teacher Posts | 5,500 (दिव्यांग बच्चों के लिए) |
| Conducting Body | Bihar Public Service Commission (BPSC) |
| Application/Requisition Last Date | 14 जनवरी 2026 तक |
| Selection Mode | लिखित परीक्षा + BPSC के नियमों के अनुसार |
| Purpose | राज्य में शिक्षक नियुक्ति और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना |
Special Plan for Divyang Students
शिक्षा विभाग ने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी है। राज्य में कुल 27,195 दिव्यांग बच्चों की पहचान की गई है, और उनके लिए विशेष प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। वर्तमान में राज्य में कुल 66,786 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। TRE-3 के तहत, इनमें से 28,748 सामान्य शिक्षक और 4,699 अन्य श्रेणी के शिक्षक शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना और उनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की कमी को दूर करना है।
Teacher Appointment Statistics
| Details | Numbers |
|---|---|
| Total Teachers Appointed | 66,786 |
| TRE-3 General Teachers | 28,748 |
| TRE-3 Other Teachers | 4,699 |
| Teachers Appointed (2005–2024) | 78,000+ |
| Currently Working Teachers | 5.87 लाख |
| Headmasters Appointed | 5,614 |
| Headmaster Applicants | 2,849 |
Paper Locker System Returns in Bihar
Bihar में Paper Locker System को फिर से लागू किया जा रहा है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बनाए रखना, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकना है। राज्य सरकार की योजना के अनुसार हर ब्लॉक में एक स्कूल खोला जाएगा और साथ ही डिग्री कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।साथ ही, प्राइवेट स्कूलों में Right to Education (RTE) Act को पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके तहत गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों का अनिवार्य नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा, स्कूलों की नियमित जांच और निगरानी की जाएगी, और नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गरीब बच्चों के लिए Admission की प्रक्रिया डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगी, जिसमें 25 प्रतिशत सीटें RTE कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी, जबकि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 दिसंबर से शुरू होगी।Education Minister ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल सरकार के नियमों का पालन करें और किसी भी गरीब बच्चे को शिक्षा से वंचित न रखा जाए। जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions
What is TRE-4
TRE-4 stands for Teacher Recruitment Exam 4 conducted by BPSC for appointing teachers in Bihar
How many vacancies are there in TRE-4
There are over 30,000 teacher vacancies including 5,500 special teachers for Divyang students
Who conducts TRE-4
Bihar Public Service Commission (BPSC) conducts the TRE-4 exam
What is the last date to apply for TRE-4
Applications or requisitions must be submitted to BPSC by 14 January 2026
What is the selection process for TRE-4
Selection is through a written exam along with rules and guidelines set by BPSC
Conclusion
Development is being seen as a major reform in Bihar’s education system. The appointment of over 30,000 teachers, including 5,500 special teachers, strict implementation of RTE rules, digitalized admission processes, and the opening of schools in every block collectively aim to strengthen the state’s education system. These initiatives will play a crucial role in providing quality education to children and expanding educational opportunities