TET/CTET Certification: Is It Required to Teach Classes 6–8 in Uttar Pradesh

TET/CTET Certification: Is It Required to Teach Classes 6–8 in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश (UP) में कक्षा छह से आठ के शिक्षकों की योग्यता को लेकर एक बार फिर सवाल उठ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका के बाद चर्चा शुरू हुई है कि क्या कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET (Teacher Eligibility Test) या CTET (Central Teacher Eligibility Test) पास करना अनिवार्य है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का सीधा असर एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 और आगामी अन्य शिक्षक भर्तियों पर भी पड़ सकता है।

Important Dates

घटनाक्रम (Incidents)तिथि (Date)
याचिका पर सुनवाई (Hearing on Petition)21 जनवरी 2026
एलटी ग्रेड नोटिफिकेशन (LT Grade Notification)2025
परीक्षा तिथि (Exam Date)29–30 जनवरी 2026 (स्थगित)
आवेदन (Application)अभी तक जारी नहीं

Full Story: TET/CTET Requirement for Classes 6–8 Teachers

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से जानकारी मांगी है कि कक्षा 6 से 10 तक के स्कूलों की कुल संख्या कितनी है, कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की कुल संख्या और उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या ये शिक्षक TET/CTET योग्य हैं। यह जानकारी कोर्ट ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान मांगी है।

Why Was the Petition Filed?

याचिकाकर्ता का तर्क है कि Right to Education Act, 2009 (RTE Act) के अनुसार कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए TET पास होना अनिवार्य है। लेकिन एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के विज्ञापन में इसे अनिवार्य योग्यता के रूप में शामिल नहीं किया गया, जबकि नए शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले का असर एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 और आने वाली अन्य शिक्षक भर्तियों पर भी पड़ सकता है।

The Petitioner Submits

याचिकाकर्ता का तर्क है कि जब पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए TET (Teacher Eligibility Test) अनिवार्य है, तो नए शिक्षकों की भर्ती बिना TET के कैसे की जा सकती है?

What Did the Court Say?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि सरकार और शिक्षा विभाग कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही यह बताएँ कि कितने शिक्षक बिना TET/CTET के पढ़ा रहे हैं।कोर्ट ने यह जानकारी इसलिए मांगी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भर्ती नियमों में कोई कानूनी चूक तो नहीं हुई है और RTE Act 2009 का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।

When Will the Next Hearing Be?

इस मामले में अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है। उसी दिन यह तय हो सकता है कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या नहीं, और TET/CTET को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा।

Why Are TET and CTET Important?

TET और CTET का उद्देश्य

  • शिक्षकों की न्यूनतम शिक्षण योग्यता सुनिश्चित करना।
  • बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना।
  • शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाना।

RTE Act 2009 के अनुसार

कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET पास होना अनिवार्य है। इसी आधार पर विवाद खड़ा हुआ है कि कक्षा 6 से 8 तक एलटी ग्रेड शिक्षक बिना TET के कैसे नियुक्त किए जा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Is TET/CTET mandatory for teaching classes 6–8 in Uttar Pradesh?

हां, Right to Education Act 2009 (RTE Act) के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET पास होना अनिवार्य है। हालांकि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 में इसे अनिवार्य नहीं रखा गया, यही कारण है कि मामला हाईकोर्ट में पहुंचा।

Why was the petition filed in Allahabad High Court?

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि जब पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य है, तो नए शिक्षकों की भर्ती बिना TET पास किए कैसे की जा सकती है।

What did the High Court ask from the Education Department?

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि शिक्षा विभाग यह स्पष्ट करे कि कक्षा 6 से 8 तक कितने शिक्षक पढ़ा रहे हैं और उनमें से कितने शिक्षक TET/CTET योग्य हैं। यह जानकारी यह सुनिश्चित करने के लिए मांगी गई है कि भर्ती प्रक्रिया RTE Act का उल्लंघन तो नहीं कर रही।

When is the next hearing scheduled?

इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है। उसी दिन यह तय हो सकता है कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या नहीं, और TET/CTET को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा।

What happens if teachers are recruited without TET/CTET?

यदि शिक्षक बिना TET/CTET के नियुक्त किए जाते हैं, तो यह RTE Act 2009 का उल्लंघन माना जा सकता है और भर्ती प्रक्रिया को हाईकोर्ट रद्द भी किया जा सकता है।

Conclusion

कक्षा 6 से 8 तक शिक्षकों के लिए TET/CTET अनिवार्यता का मुद्दा उत्तर प्रदेश में एक बार फिर चर्चा में है। याचिका यह सवाल उठाती है कि जब पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य है, तो नए शिक्षकों की भर्ती बिना TET पास किए कैसे की जा सकती है।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से शिक्षक संख्या, उनकी योग्यता और TET/CTET स्थिति स्पष्ट करने के लिए निर्देश दिए हैं। यह कदम सुनिश्चित करता है कि RTE Act 2009 का पालन हो और भर्ती प्रक्रिया में कोई कानूनी चूक न हो।इस मामले का असर एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 और आने वाली अन्य भर्तियों पर भी पड़ सकता है। TET और CTET का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता सुनिश्चित करना और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इस विवाद का निपटारा, आगामी सुनवाई के बाद, उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए दिशा निर्धारित करेगा।

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