आज के दौर में तकनीक ने शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। विशेष रूप से परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और नकल-मुक्त बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ गया है। इसी प्रयास के तहत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकल पर सख्त नियंत्रण रखा जाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल नकल रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया और भी विश्वसनीय और सुरक्षित बनेगी।

UP Board Exams: Tackling the Persistent Problem of Cheating with AI
उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board) देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में से एक है। हर साल लाखों छात्र हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षाओं में भाग लेते हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाओं का आयोजन करना स्वयं में एक चुनौती है। पिछले वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं में नकल, फर्जी परीक्षार्थी, बाहरी हस्तक्षेप और अनुचित साधनों के उपयोग जैसी समस्याओं की लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए यूपी बोर्ड ने अब AI (Artificial Intelligence) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
What is an AI-Based Surveillance System?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक ऐसी तकनीक है जो मशीनों को इंसानों की तरह सोचने, समझने और निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में AI का उपयोग इस तरह किया जाएगा कि यह हर परीक्षार्थी की गतिविधियों पर निगरानी रखेगा और किसी भी संदिग्ध हरकत को तुरंत पहचान लेगा। इस सिस्टम में लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV कैमरे सिर्फ वीडियो रिकॉर्डिंग ही नहीं करेंगे, बल्कि AI की मदद से छात्रों की गतिविधियों का वास्तविक समय में विश्लेषण भी करेंगे।
How Will This System Work?
नई व्यवस्था के तहत हर परीक्षा केंद्र पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो छात्रों की गतिविधियों का रीयल-टाइम ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करेंगे। AI सॉफ्टवेयर प्रत्येक छात्र की हर हरकत को स्कैन करेगा और यदि कोई बार-बार सीट छोड़ता है, पीछे मुड़ता है या असामान्य व्यवहार करता है, तो सिस्टम उसे संदिग्ध मान लेगा। संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर ऑटोमैटिक अलार्म बज जाएगा और अलर्ट तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगा।
Exam Centres Adopting This New System
UP Board के निर्देशानुसार यह AI आधारित निगरानी प्रणाली 196 परीक्षा केंद्रों पर लागू की जा रही है। इन सभी केंद्रों की निगरानी तीन स्तरों पर की जाएगी। सबसे पहले, राज्य स्तरीय मुख्य कंट्रोल रूम परीक्षा केंद्रों से आने वाले सभी डेटा की निगरानी करेगा। उसके बाद क्षेत्रीय कंट्रोल रूम यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत स्थानीय स्तर तक पहुंचे। अंत में, जिला स्तरीय कंट्रोल रूम किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम होगा। इस तरह यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी तुरंत पकड़ में आए और समय रहते समाधान किया जा सके।
Control Room Features
हर कंट्रोल रूम आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों से लाइव फीड, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, नेटवर्क कनेक्टिविटी और तकनीकी डेटा लॉग शामिल हैं। लॉगिन क्रेडेंशियल की मदद से कंट्रोल रूम कर्मचारी सटीक निगरानी कर सकते हैं और परीक्षा कक्षों की लगातार रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर सकते हैं।
The Role of Automatic Alarm Systems
इस नई व्यवस्था की सबसे खास बात है ऑटोमैटिक अलार्म सिस्टम। यदि किसी परीक्षा कक्ष में नकल की कोशिश, बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी, छात्रों का असामान्य व्यवहार, समूह में बातचीत या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि देखी जाती है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट भेज देगा। यह अलर्ट कंट्रोल रूम तक पहुंचने के तुरंत बाद कार्रवाई संभव बनाता है, जिससे परीक्षा की प्रक्रिया और भी सुरक्षित और विश्वसनीय बनती है।
Frequently Asked Questions
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में AI निगरानी सिस्टम क्या है?
AI निगरानी सिस्टम एक आधुनिक तकनीक है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का उपयोग करके छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी रखता है। यह किसी भी संदिग्ध हरकत को तुरंत पहचानता है और परीक्षा को नकल-मुक्त बनाने में मदद करता है।
यह सिस्टम परीक्षाओं में कैसे काम करेगा?
हर परीक्षा केंद्र पर हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं जो रियल-टाइम ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करेंगे। AI सॉफ्टवेयर हर छात्र की गतिविधियों का विश्लेषण करेगा और असामान्य व्यवहार पाए जाने पर ऑटोमैटिक अलार्म बजाएगा।
कितने परीक्षा केंद्रों में यह सिस्टम लागू किया गया है?
UP Board की AI आधारित निगरानी व्यवस्था 196 परीक्षा केंद्रों पर लागू की गई है। इन सभी केंद्रों की निगरानी राज्य, क्षेत्रीय और जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाएगी।
कंट्रोल रूम में क्या सुविधाएँ हैं?
कंट्रोल रूम हाई-टेक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें लाइव CCTV फीड, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, नेटवर्क कनेक्टिविटी और तकनीकी डेटा लॉग शामिल हैं। ये सुविधाएँ परीक्षा कक्षों की लगातार और वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित करती हैं।
ऑटोमैटिक अलार्म सिस्टम की भूमिका क्या है?
यदि कोई छात्र नकल करने की कोशिश करता है, बाहरी व्यक्ति प्रवेश करता है या संदिग्ध गतिविधि होती है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजता है। इससे कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना मिलती है और समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।
Conclusion
उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं में AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू करना शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम है। यह तकनीक न केवल नकल और अनुचित गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया को और भी पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगी। हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV कैमरे, ऑटोमैटिक अलार्म सिस्टम और तीन-स्तरीय कंट्रोल रूम की मदद से हर परीक्षा केंद्र पर सतत निगरानी संभव होगी।इस पहल से छात्रों को समान अवसर और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण मिलेगा, जबकि बोर्ड को अपनी परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। भविष्य में ऐसे AI और तकनीक आधारित उपाय शिक्षा प्रणाली में और सुधार ला सकते हैं, जिससे देश भर में परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।