Current Affairs Today (06 July 2026)
- ICMR-NIRWoH वैज्ञानिकों ने स्वदेशी “प्लेसेंटा-ऑन-चिप” प्लेटफ़ॉर्म किसके सहयोग से विकसित किया है?उत्तर: IIT बॉम्बे
- व्यावसायिक स्तर पर माचा चाय का उत्पादन करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा बना है?उत्तर: असम
- हाल ही में UNESCO एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पुरस्कार 2025 से किसे सम्मानित किया गया है?उत्तर: ज्येष्ठ वर्ण महाविहार
- वैभव सूर्यवंशी किसका रिकॉर्ड तोड़कर भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने हैं?उत्तर: सचिन तेंदुलकर
- ब्रिक्स मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक 2026 कहाँ आयोजित की जाएगी?उत्तर: गुवाहाटी
- अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस 2026 कब मनाया गया?उत्तर: 4 जुलाई
- किस राज्य सरकार ने स्कूलों के पास एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है?उत्तर: महाराष्ट्र
- हाल ही में दिवंगत पंडवानी गायिका तीजन बाई का संबंध किस राज्य से था?उत्तर: छत्तीसगढ़
- किस देश के प्रधानमंत्री अलेक्ज़ेंड्रू मुंटेनु ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया है?उत्तर: मोल्दोवा
- हाल ही में विंबलडन पुरुष एकल में 105 मैच जीतकर किस खिलाड़ी ने रोजर फेडरर के रिकॉर्ड की बराबरी की है?उत्तर: नोवाक जोकोविच
Current Affairs Playlist Rojgar With Ankit Youtube Channel
ICMR-NIRWoH और IIT बॉम्बे ने विकसित किया स्वदेशी “प्लेसेंटा-ऑन-चिप” प्लेटफ़ॉर्म
भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में मानव प्लेसेंटा (Placenta) के प्रमुख कार्यों की नकल करने वाला स्वदेशी “प्लेसेंटा-ऑन-चिप (Placenta-on-Chip)” प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया है। इस तकनीक का विकास भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (ICMR-NIRWoH) तथा IIT बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से किया है। इसका उद्देश्य मातृ एवं भ्रूण स्वास्थ्य से जुड़े अनुसंधान को बढ़ावा देना और पशु परीक्षणों पर निर्भरता को कम करना है। यह प्लेटफ़ॉर्म प्लेसेंटा के महत्वपूर्ण कार्यों जैसे हार्मोन उत्पादन, पोषक तत्वों का स्थानांतरण, अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन और चयनात्मक अवरोधक कार्यों को दोहराने में सक्षम है। यह गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं, गर्भकालीन मधुमेह तथा दवाओं के प्लेसेंटा अवरोध को पार करने की प्रक्रिया के अध्ययन में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन राजस्थान में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। ₹79,450 करोड़ की लागत से विकसित यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इस कॉम्प्लेक्स की रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तथा पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 MMTPA है। यह परियोजना भारत के ऊर्जा क्षेत्र और पेट्रोकेमिकल उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
व्यावसायिक स्तर पर माचा चाय उत्पादन करने वाला भारत का पहला राज्य बना असम
असम व्यावसायिक स्तर पर माचा चाय (Matcha Tea) का उत्पादन करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। तिनसुकिया जिले के छोटा तिंगराई टी एस्टेट ने देश की पहली व्यावसायिक माचा चाय का उत्पादन शुरू किया है। इस एस्टेट द्वारा तैयार 5 किलोग्राम की पहली खेप को गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर में जे. थॉमस एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नीलाम किया गया, जहां इसे ₹3,000 प्रति किलोग्राम का मूल्य प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि जापानी विशेषज्ञों के साथ लंबे समय तक चले सहयोग का परिणाम है। माचा चाय विशेष रूप से उगाई गई हरी चाय की पत्तियों से तैयार किया गया बारीक पाउडर होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट, क्लोरोफिल, विटामिन और अमीनो अम्ल से भरपूर माना जाता है।
ज्येष्ठ वर्ण महाविहार को UNESCO एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पुरस्कार 2025
नेपाल के ललितपुर स्थित ज्येष्ठ वर्ण महाविहार को UNESCO एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान महाविहार की उपयोगकर्ता समिति को UNESCO प्रतिनिधि जैको डु टोइट द्वारा प्रदान किया गया। इस संरक्षण परियोजना को भारत सरकार द्वारा नेपाल में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण पहल के अंतर्गत 13.78 करोड़ नेपाली रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। यह पुरस्कार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्स्थापन में स्थानीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
बिहार का बरगद वृक्ष बना विश्व का सबसे पुराना सटीक रूप से दिनांकित बरगद
बिहार के मुंगेर जिले स्थित बिहार बरगद (Ficus benghalensis) को वैज्ञानिक रूप से विश्व का सबसे पुराना सटीक रूप से दिनांकित बरगद का वृक्ष घोषित किया गया है। इस वृक्ष की अनुमानित आयु लगभग 700 वर्ष आंकी गई है। इसकी आयु का निर्धारण उच्च-सटीकता रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक से किया गया। यह शोध बिरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ की वैज्ञानिक डॉ. त्रिना बोस के नेतृत्व में किया गया। यह उपलब्धि प्राचीन वृक्षों के संरक्षण और वैज्ञानिक आयु निर्धारण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
BRICS मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक 2026 गुवाहाटी में
भारत 6 और 7 जुलाई 2026 को असम के गुवाहाटी में BRICS देशों के मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस बैठक का आयोजन गृह मंत्रालय के अंतर्गत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा किया जाएगा। बैठक का उद्देश्य मादक पदार्थों के विरुद्ध सहयोग को मजबूत करना, खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाना, क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करना और सिंथेटिक ड्रग्स तथा प्रीकर्सर रसायनों से जुड़े खतरों के विरुद्ध संयुक्त रणनीति तैयार करना है।
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस 2026
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस (International Day of Cooperatives) वर्ष 2026 में 4 जुलाई को मनाया गया। यह दिवस प्रत्येक वर्ष जुलाई के प्रथम शनिवार को मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम “शांतिपूर्ण विश्व के लिए सहकारिताएँ (Cooperatives for a Peaceful World)” थी। इसका उद्देश्य शांति, सामाजिक समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा देने में सहकारी संस्थाओं की भूमिका के प्रति जागरूकता फैलाना है।
महाराष्ट्र ने स्कूलों के पास एनर्जी ड्रिंक्स पर लगाया प्रतिबंध
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में उच्च ऊर्जा पेय (High Energy Drinks) की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में उच्च कैफीन युक्त पेयों के सेवन को नियंत्रित करना और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार के अनुसार, स्कूलों के आसपास ऐसे पेयों की आसान उपलब्धता विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
केइको फुजीमोरी ने जीता पेरू राष्ट्रपति चुनाव
पेरू में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में दक्षिणपंथी नेता केइको फुजीमोरी ने जीत हासिल की है। उन्होंने वामपंथी उम्मीदवार रोबर्टो सांचेज़ को हराया। केइको फुजीमोरी पूर्व राष्ट्रपति अल्बर्टो फुजीमोरी की पुत्री हैं और पेरू की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति बनने वाली हैं।
पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन
छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित तीजन बाई का निधन हो गया। उन्होंने पंडवानी लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया। उन्होंने पुरुष कलाकारों की शैली मानी जाने वाली कपालिक शैली में पंडवानी प्रस्तुत करने वाली पहली महिला कलाकार बनकर इतिहास रचा।