Experienced Anganwadi Workers Eligible for Supervisor Recruitment Opportunity

Experienced Anganwadi Workers Eligible for Supervisor Recruitment Opportunity

हरियाणा सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश की हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने और अपने करियर में प्रगति करने का अवसर मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पास 10 वर्षों का अनुभव है, उन्हें सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति दी जाएगी। इसके साथ ही, सुपरवाइजर पदों पर नई भर्तियां भी की जाएंगी।यह अहम निर्णय महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रहीं। सरकार के इस कदम को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने और उनकी सेवाओं को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।यदि आप चाहें तो मैं इसे और अधिक समाचार शैली, सरकारी भाषा, या सरल सोशल मीडिया भाषा में भी ढाल सकता हूँ।

New Rules for Supervisor Recruitment

सरकार ने सुपरवाइजर पदों पर भर्ती के लिए नई प्रक्रिया लागू की है। अब इन पदों के लिए दो तरह की भर्ती की जाएगी—पचास प्रतिशत पद अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे और शेष पचास प्रतिशत पदों के लिए सीधी भर्ती की जाएगी। इसका मतलब यह है कि जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कम से कम दस वर्षों की सेवा पूरी कर चुकी हैं और पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, उन्हें सीधे सुपरवाइजर बनने का अवसर मिलेगा। इस नए नियम से लंबे समय से सेवा दे रही महिलाओं का मनोबल और प्रेरणा बढ़ने की उम्मीद है।

Why This Decision Is Particularly Important for Anganwadi Workers

अब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नति के सीमित अवसर मिलते थे, जिससे उनमें निराशा और असंतोष देखा जाता था। इस नए फैसले से मेहनती और अनुभवी कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान मिलेगा, उनकी सेवा का सही मूल्यांकन होगा, और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। साथ ही, उन्हें अधिक जिम्मेदारी और अधिकार मिलने से कार्य प्रणाली में उनका योगदान और प्रभाव बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को उच्च पदों पर लाने से सिस्टम और मजबूत और प्रभावशाली बनेगा।

Chief Minister’s Statement

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रम सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में की गई 66 घोषणाओं में से 59 पूरी हो चुकी हैं और बाकी घोषणाओं पर तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बच्चों के भविष्य को संवारने में बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए सरकार उनके करियर ग्रोथ और पेशेवर विकास पर पूरा ध्यान दे रही है।

Government’s Major Initiative Against Malnutrition

इस बैठक में कुपोषण से निपटने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहल पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में चिन्हित 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण की स्थिति से बाहर लाया जा चुका है, जबकि 26 हजार बच्चे अभी भी कुपोषण की श्रेणी में हैं। इन बच्चों को स्वस्थ बनाने और उनकी पोषण स्थिति सुधारने के लिए विशेष पोषण योजनाएं प्रभावी रूप से चलाई जा रही हैं।

Anganwadi Centers Are Being Made More Efficient

हरियाणा सरकार प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है। इस दिशा में 2000 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम केंद्रों में बदलने की योजना है, और पहले चरण में 2807 केंद्रों को अपग्रेड किया जा रहा है। योजना के तहत लगभग 20 करोड़ रुपये से आवश्यक सामग्री खरीदी जा रही है, जबकि 2000 केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित करने में करीब 81 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा और पोषण सुनिश्चित करना है।

Women’s Working Hostel and Children’s Home

सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है। सोनीपत, रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुरुग्राम और चरखी दादरी में लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत से 6 महिला कामकाजी हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, जबकि पानीपत में भी हॉस्टल निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। चरखी दादरी में बाल भवन, डे-केयर सेंटर और ओपन शेल्टर होम लगभग 12 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे हैं, जिनका 80% काम अब तक पूरा हो चुका है। ये पहल महिलाओं और बच्चों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।

Improvements Are Being Made in Children’s Nutrition

अब बच्चों को सिर्फ चूरमा ही नहीं, बल्कि काले चने, चना, मूंगफली और अन्य पोषण युक्त खाद्य पदार्थ भी दिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को संतुलित आहार उपलब्ध कराना और कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करना है। इस पहल से बच्चों के स्वास्थ्य और विकास में सुधार की उम्मीद है।

Frequently Asked Question

What are the new rules for supervisor recruitment?

सरकार ने सुपरवाइजर पदों पर भर्ती के लिए नई प्रक्रिया लागू की है। अब 50% पद अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे और 50% पदों के लिए सीधी भर्ती की जाएगी। जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कम से कम 10 वर्षों की सेवा पूरी की है और पात्रता शर्तें पूरी की हैं, उन्हें सीधे सुपरवाइजर बनने का अवसर मिलेगा।

Why is this decision important for Anganwadi workers?

इस फैसले से मेहनती और अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान मिलेगा, उनकी सेवा का सही मूल्यांकन होगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। साथ ही, उन्हें अधिक जिम्मेदारी और अधिकार मिलने से उनका योगदान और प्रभाव बढ़ेगा। इससे लंबे समय से सेवा दे रही महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा।

What did the Chief Minister say about women and child development programs?

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिला और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रम सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में की गई 66 घोषणाओं में से 59 पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बच्चों के भविष्य को संवारने में अहम है, इसलिए सरकार उनके करियर ग्रोथ पर पूरा ध्यान दे रही है।

What initiatives has the government taken against malnutrition?

वर्ष 2024 में चिन्हित 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण से बाहर लाया जा चुका है, जबकि 26 हजार बच्चे अभी भी कुपोषित हैं। इन बच्चों को स्वस्थ बनाने और पोषण की स्थिति सुधारने के लिए विशेष पोषण योजनाएं चलाई जा रही हैं।

How are Anganwadi centers being made more efficient?

हरियाणा सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है। इस योजना के तहत 2000 केंद्रों को सक्षम केंद्रों में बदला जाएगा और पहले चरण में 2807 केंद्रों को अपग्रेड किया जा रहा है। लगभग 20 करोड़ रुपये से आवश्यक सामग्री खरीदी जा रही है और 2000 केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने में करीब 81 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

Conclusion

हरियाणा सरकार की पहलें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों के कल्याण को प्राथमिकता देने की स्पष्ट मिसाल हैं। सुपरवाइजर भर्ती में पारदर्शी और समान अवसर सुनिश्चित करने से अनुभवी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण, पोषण योजनाओं का विस्तार और महिला हॉस्टलों का निर्माण बच्चों और महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये कदम न केवल बच्चों के बेहतर विकास और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करेंगे, बल्कि महिलाओं के करियर ग्रोथ और आर्थिक सशक्तिकरण को भी मजबूत करेंगे। कुल मिलाकर, यह एक समग्र प्रयास है जो हरियाणा में सामाजिक और शैक्षिक सिस्टम को और मजबूत और प्रभावशाली बनाएगा।

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