LT Grade Recruitment: No Preference Given to Candidates Without B.Ed

LT Grade Recruitment: No Preference Given to Candidates Without B.Ed

उत्तर प्रदेश में चल रही सहायक अध्यापक एलटी ग्रेड (कला विषय) भर्ती 2025 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। इस निर्णय ने हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों और आशंकाओं को एक साथ प्रभावित किया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों के पास बी.एड. (B.Ed) की डिग्री नहीं है, उनकी नियुक्ति पर रोक जारी रहेगी।यह आदेश ऐसे समय में आया है जब इससे पहले कंप्यूटर विषय के शिक्षकों की नियुक्ति पर भी इसी प्रकार की रोक लगाई जा चुकी है। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के नियमों, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और एनसीटीई (NCTE) के दिशा-निर्देशों को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।

Recruitment Information

एलटी ग्रेड कला विषय के सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा विज्ञापन जारी किया गया था। विज्ञापन में कला विषय से संबंधित स्नातक योग्यता के साथ बी.एड. की अनिवार्यता को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। इसी अस्पष्टता के चलते कुछ अभ्यर्थियों ने बिना बी.एड. डिग्री के भी आवेदन कर दिया और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ती रही।बाद में इस भर्ती प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी गई, जिसके परिणामस्वरूप हाईकोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप किया और भर्ती नियमों व आवश्यक शैक्षणिक योग्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।

What is the Allahabad High Court’s Order?

इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि एलटी ग्रेड (कला विषय) के सहायक अध्यापक पद पर केवल वही अभ्यर्थी नियुक्त किए जा सकते हैं, जिनके पास बी.एड. (B.Ed) की डिग्री है। जिन अभ्यर्थियों के पास बी.एड. की योग्यता नहीं है, उनकी नियुक्ति पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी गई है।कोर्ट ने यह भी कहा कि यह रोक तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस विषय में अपना पक्ष स्पष्ट रूप से अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर देते। साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Why Was the Petition Filed?

इस मामले में कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए तर्क दिया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार शिक्षक नियुक्ति के लिए बी.एड. एक अनिवार्य योग्यता है। इसके बावजूद भर्ती विज्ञापन में बी.एड. को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ।याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस अस्पष्टता के कारण योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। साथ ही बिना बी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में शामिल करना पूरी भर्ती प्रक्रिया को अवैध बना सकता है।

What Was the Role of NCTE?

एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) एक केंद्रीय संस्था है, जो देशभर में शिक्षक शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण संस्थानों की मान्यता प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश में बी.एड., डी.एल.एड. जैसे शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता और नियमों की निगरानी का दायित्व भी एनसीटीई के पास है।हाईकोर्ट ने अपने आदेश में एनसीटीई के दिशा-निर्देशों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि एनसीटीई देश में शिक्षक शिक्षा से संबंधित सर्वोच्च संस्था है और उसके द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का पालन करना अनिवार्य है। यदि एनसीटीई बी.एड. को आवश्यक योग्यता मानती है, तो राज्य सरकार या आयोग उससे अलग नियम नहीं बना सकते। इसी आधार पर कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में बी.एड. की अनदेखी को गंभीर मामला माना।

When Will Be the Next Hearing?

हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च 2026 को निर्धारित की है। तब तक बिना बी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक जारी रहेगी। इस अवधि में राज्य सरकार और संबंधित विभाग को अपना पक्ष मजबूती से अदालत के सामने रखना होगा। अगली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भर्ती प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ेगी।

Comparison with Recruitment in the Computer Science Field

इससे पहले सहायक अध्यापक (कंप्यूटर विषय) की भर्ती में भी इसी तरह का विवाद सामने आ चुका है। उस मामले में भी बिना बी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगाई गई थी और हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था।अब एलटी ग्रेड कला विषय की भर्ती में भी उसी तर्ज पर रोक लगाई गई है, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि अदालत शिक्षक भर्ती में न्यूनतम योग्यता को लेकर किसी भी प्रकार की ढील देने के पक्ष में नहीं है।

Frequently Asked Questions

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एलटी ग्रेड कला विषय भर्ती को लेकर क्या फैसला दिया है?

हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि एलटी ग्रेड कला विषय के सहायक अध्यापक पद पर केवल वही अभ्यर्थी नियुक्त किए जा सकते हैं, जिनके पास बी.एड. डिग्री है। बिना बी.एड. वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

क्या बिना बी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति पूरी तरह रद्द हो गई है?

नहीं, अभी नियुक्ति पूरी तरह रद्द नहीं हुई है। कोर्ट ने अस्थायी रोक लगाई है, जो अगली सुनवाई और सरकार के जवाब तक प्रभावी रहेगी।

यह रोक कब तक लागू रहेगी?

यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य सरकार और संबंधित विभाग हाईकोर्ट में अपना पक्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत नहीं कर देते। अगली सुनवाई 13 मार्च 2026 को निर्धारित है।

इस मामले में याचिका क्यों दाखिल की गई थी?

याचिका इसलिए दाखिल की गई थी क्योंकि एनसीटीई के नियमों के अनुसार शिक्षक नियुक्ति के लिए बी.एड. अनिवार्य योग्यता है, जबकि भर्ती विज्ञापन में इसे लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए थे।

एनसीटीई (NCTE) की भूमिका क्या है?

एनसीटीई एक केंद्रीय संस्था है, जो शिक्षक शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों और योग्यताओं को मान्यता देती है। बी.एड. को शिक्षक नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता मानने का अधिकार एनसीटीई के पास है।

Conclusion

एलटी ग्रेड (कला विषय) सहायक अध्यापक भर्ती 2025 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला न केवल वर्तमान भर्ती प्रक्रिया के लिए बल्कि भविष्य की शिक्षक भर्तियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षक नियुक्ति में एनसीटीई द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, विशेष रूप से बी.एड. डिग्री, को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिन्होंने निर्धारित योग्यताओं के अनुसार आवेदन किया था, वहीं बिना बी.एड. डिग्री वाले अभ्यर्थियों के लिए स्थिति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है। अब आगे की दिशा पूरी तरह राज्य सरकार के जवाब और अगली सुनवाई में हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। ऐसे में सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचें।

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