MPESB Exam Pattern Changed: MP GK Weightage Increased, Maths Weightage Reduced

MPESB Exam Pattern Changed: MP GK Weightage Increased, Maths Weightage Reduced

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की भर्ती परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए संयुक्त सेवा पात्रता परीक्षा नियम-2026 का मसौदा तैयार कर लिया गया है। प्रस्तावित नए नियम लागू होने के बाद परीक्षाओं में मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान, राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं से जुड़े प्रश्नों का महत्व बढ़ जाएगा। वहीं गणित और रीजनिंग विषयों का भार अपेक्षाकृत कम कर दिया जाएगा।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह प्रस्तावित किया गया है कि अलग-अलग पदों के लिए होने वाली कई भर्ती परीक्षाओं की जगह अब केवल तीन संयुक्त पात्रता परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

MPESB Exam Pattern 2026 Changed: Overview

विशेषताविवरण
परीक्षा आयोजित करने वाला निकायमध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB)
प्रस्तावित नियमसंयुक्त सेवा पात्रता परीक्षा नियम 2026
कुल प्रश्न100
एमपी संबंधित प्रश्न25
प्रमुख बदलावएमपी जीके (MP GK) के प्रश्नों में वृद्धि
प्रस्तावित पात्रता परीक्षाएं03
स्कोर कार्ड वैधता2 वर्ष
संभावित लागू होने की तिथिअक्टूबर 2026

MP General Knowledge Questions Increased

प्रस्तावित नियमों के अनुसार 100 अंकों की परीक्षा में 25 प्रश्न मध्य प्रदेश से संबंधित विषयों से पूछे जाएंगे। इनमें मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान, राज्यव्यवस्था और शासकीय योजनाएं शामिल होंगी।

अब तक अधिकांश भर्ती परीक्षाओं में मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान से लगभग 10 प्रश्न पूछे जाते थे, लेकिन नए पैटर्न में इनकी संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी। इससे राज्य से जुड़े विषयों की अच्छी तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। यह बदलाव उम्मीदवारों को मध्य प्रदेश के प्रशासन, इतिहास, भूगोल और सरकारी योजनाओं की गहन समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा।

Reduced Weightage of Mathematics and Reasoning

नए परीक्षा पैटर्न में गणित और रीजनिंग का महत्व पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है, लेकिन इनके प्रश्नों का अनुपात पहले की तुलना में कम कर दिया गया है।पिछले वर्षों से अभ्यर्थियों द्वारा यह मांग की जा रही थी कि भर्ती परीक्षाओं में राज्य-संबंधित विषयों को अधिक महत्व दिया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन प्रस्तावित किया गया है।

Changes in Technical and Engineering Examinations

MPESB ने तकनीकी और इंजीनियरिंग पदों की भर्ती परीक्षाओं के पैटर्न में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। अब इन परीक्षाओं में केवल तकनीकी विषय ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर ज्ञान और तार्किक क्षमता से जुड़े प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे। गणित और रीजनिंग का अनुपात यहां भी पहले की तुलना में कम रहेगा।

Technical Exam Subjects

क्रमांकविषय क्षेत्र
1मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान
2कंप्यूटर ज्ञान
3तार्किक क्षमता
4संबंधित तकनीकी विषय

Fifteen Exams May Be Replaced by Three Eligibility Tests

वर्तमान में MPESB द्वारा विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। प्रस्ताव के अनुसार लगभग 15 परीक्षाओं की जगह अब केवल तीन संयुक्त पात्रता परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।इन परीक्षाओं में प्राप्त स्कोर के आधार पर विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, जिससे प्रणाली अधिक सरल और व्यवस्थित बनने की उम्मीद है।

Proposed Eligibility Examinations

परीक्षाउद्देश्य
संयुक्त सामान्य पात्रता परीक्षासामान्य भर्ती पद
संयुक्त तकनीकी पात्रता परीक्षातकनीकी भर्ती पद
शिक्षक पात्रता परीक्षाशिक्षक भर्ती

Combined General Eligibility Test Pattern

विषयप्रश्न संख्या
सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स25
मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान, राज्यव्यवस्था एवं सरकारी योजनाएं25
गणित, तार्किक क्षमता और डेटा विश्लेषण25
कंप्यूटर ज्ञान और भाषा कौशल25
कुल100

Combined Technical Eligibility Test Pattern

इस परीक्षा में भी कुल 100 प्रश्न होंगे, जिसमें 25 प्रश्न मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान, राज्यव्यवस्था और सरकारी योजनाओं से होंगे, जबकि 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषयों से पूछे जाएंगे।

विषयप्रश्न संख्या
मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान, राज्यव्यवस्था एवं सरकारी योजनाएं25
संबंधित तकनीकी विषय75
कुल100

Teacher Eligibility Test (TET)

तीसरी पात्रता परीक्षा शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती के लिए पात्रता निर्धारित करने का कार्य करेगी। इस परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम को अंतिम नियम जारी होने के बाद स्पष्ट किया जाएगा।

Score Card as Basis of Recruitment

प्रस्तावित नियमों के अनुसार सभी पात्रता परीक्षाओं का परिणाम प्रतिशत स्कोर के रूप में घोषित किया जाएगा। निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को स्कोर कार्ड प्रदान किया जाएगा।संयुक्त सामान्य पात्रता परीक्षा और संयुक्त तकनीकी पात्रता परीक्षा के स्कोर कार्ड, परिणाम घोषित होने वाले वर्ष के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक मान्य रहेंगे।वहीं, शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता आजीवन (lifetime validity) बनी रहेगी।

Suggestions Invited on Draft Rules

सरकार ने नियमों के मसौदे पर आम नागरिकों और अभ्यर्थियों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इच्छुक व्यक्ति 5 जून तक अपने सुझाव भेज सकते हैं।इन सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था को अक्टूबर 2026 से लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है।

Frequently Asked Questions

MPESB का नया परीक्षा पैटर्न क्या है?

MPESB द्वारा प्रस्तावित नए नियमों के अनुसार अब भर्ती परीक्षाओं को सरल बनाते हुए तीन संयुक्त पात्रता परीक्षाएं आयोजित करने का प्रस्ताव है। इनमें सामान्य, तकनीकी और शिक्षक पात्रता परीक्षाएं शामिल होंगी।

MP General Knowledge (MP GK) का कितना महत्व बढ़ाया गया है?

नए पैटर्न में 100 प्रश्नों में से 25 प्रश्न मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान, राज्यव्यवस्था और सरकारी योजनाओं से पूछे जाएंगे, जिससे इसका महत्व पहले की तुलना में बढ़ गया है।

क्या गणित और रीजनिंग को पूरी तरह हटाया गया है?

नहीं, गणित और रीजनिंग को समाप्त नहीं किया गया है, लेकिन इनका भार पहले की तुलना में कम कर दिया गया है।

क्या सभी भर्ती परीक्षाएं खत्म हो जाएंगी?

अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं की जगह पात्रता परीक्षाओं के माध्यम से चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे भर्ती प्रणाली सरल हो जाएगी।

तकनीकी परीक्षाओं में क्या बदलाव होगा?

तकनीकी परीक्षाओं में अब केवल तकनीकी विषय ही नहीं, बल्कि MP GK, कंप्यूटर ज्ञान और तार्किक क्षमता से जुड़े प्रश्न भी शामिल होंगे।

नए नियम कब लागू हो सकते हैं?

प्रस्तावित व्यवस्था को अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी की जा रही है।

Conclusion

MPESB द्वारा प्रस्तावित नया परीक्षा पैटर्न 2026 भर्ती प्रणाली में एक बड़ा और संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और एकीकृत बनाना है।मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान और राज्य से जुड़े विषयों को अधिक महत्व देकर स्थानीय प्रशासन, योजनाओं और इतिहास की समझ को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं गणित और रीजनिंग के भार को संतुलित करके परीक्षा को अधिक विषय-केंद्रित और व्यावहारिक बनाने का प्रयास किया गया है।इसके अलावा अलग-अलग परीक्षाओं की जगह केवल तीन पात्रता परीक्षाओं की व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और उम्मीदवारों के लिए कम जटिल होने की संभावना है। स्कोर कार्ड आधारित प्रणाली और उसकी वैधता अवधि भी एक स्थिर और पारदर्शी चयन प्रणाली की ओर संकेत करती है।कुल मिलाकर, यह प्रस्तावित बदलाव आने वाले समय में MPESB भर्ती प्रणाली को अधिक आधुनिक, दक्ष और उम्मीदवार-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार साबित हो सकता है।

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